केंद्र सरकार नए वित्त वर्ष में छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कर सकती है कटौती, मार्च अंत तक हो सकता है ऐलान
March 20, 2020 • Hardik Mehta

केंद्र सरकार की ओर से छोटी बचत स्कीम जैसे पोस्ट ऑफिस डिपॉजिट, पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (पीपीएफ), नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (एनएससी) और सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम पर मिलने वाले ब्याज दरों में कटौती की जा सकती है। आगामी वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल से जून) के लिए छोटी बचत स्कीम पर लगने वाले ब्याज दर का ऐलान इस माह के अंत तक किया जाएगा।

बैंकर्स की ब्याज दरों में कटौती की मांग
बता दें कि फाइनेंशिलय सिस्टम के लगभग सभी ब्याज दरों में बदलाव के बावूजद केंद्र सरकार ने जनवरी से मार्च तिमाही के लिए छोटी बचत स्कीम पर ब्याज दर को स्थिर रखा था। दरअसल बैंकर्स की लंबे वक्त से शिकायत रही है कि छोटी बचत स्कीम पर हाई इंटरेस्ट रेट लागू होने से बैंक तेजी से डिपॉडिट रेट में कटौती नहीं कर पाते हैं, जबकि दूसरी तरफ भारत के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने चालू तिमाही में फिक्सड डिपॉजिट दरों में आक्रामक रूप से कटौती की है। उदाहरण के लिए, मौजूदा वक्त में एसबीआई ने पांच साल की एसबीआई फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दर 5.9 फीसदी रखी है। बता दें कि छोटी बचत स्कीम पर लगने वाली ब्याज दरों को तिमाही के हिसाब से निर्धारित किया जाता है।

ब्याज दरें निर्धारित करने के फॉमूले का सही से नहीं होता है पालन

अप्रैल 2016 से छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों को तिमाही आधार पर संशोधित किया जा रहा है। लेकिन सरकारी सिक्योरिटी के आधार पर छोटी बचत दरों को तय करने का फॉर्मूला है, जिसे श्यामला गोपीनाथ समिति ने सुझाया था। लेकिन कुछ तिमाही में ब्याज दरों संशोधन के वक्त इसका सही से पालन नहीं किया जाता है। अगर सरकार की तरफ से गोपीनाथ के फॉर्मूल का कड़ाई से पालन किया जाता, तो मौजूदा वक्त की छोटी बचत स्कीम पर लगने वाली ब्याज दरें 80 से 160 बीपीएस कम होती। एसबीआई रिसर्च में कहा गया कि अगर सरकार फॉर्मूले को सही से लागू करती, इस तिमाही में पीपीएफ पर लगने वाली ब्याज दर 7 फीसदी के करीब रहती, जो कि मौजूद वक्त में 7.9 फीसदी से कम है।

मौजूदा स्कीम पर लगने वाली ब्याज दरें

स्कीमब्याज दर
पीपीएफ, NSC Fetch7.9 फीसदी
सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (5 साल के लिए)8.6 फीसदी
पोस्ट ऑफिस सेविंग4 फीसदी
रिटेल डिपॉजिट    3 फीसदी
सुकन्या समृद्धि स्कीम8.4 फीसदी (सालाना चक्रवृद्धि)